विजय रूपाणी की जीवनी – Vijay Rupani Biography

विजय रूपाणी की जीवनी – Vijay Rupani Biography: विजय रूपाणी भारतीय राजनीतिज्ञ हैं। यह 7 अगस्त 2016 से गुजरात के मुख्यमंत्री बने हैं। भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) पार्टी के साथ रूपाणी का एक लंबा कार्यकाल रहा है, वह चार बार लगातार प्रदेश बी.जे.पी. के जनरल सेक्रेटरी रह चुके हैं। विजय रूपाणी गुजरात से राज्यसभा सांसद 2006-2012 तक रहे हैं तथा राजकोट पश्चिम के विधानसभा सदस्य 2014 में चुने गये हैं।

संक्षिप्त विवरण

नाम विजय रूपाणी
पूरा नाम, अन्य नाम
विजय रूपाणी
जन्म 2 अगस्त 1956
जन्म स्थान रंगून, बर्मा
पिता का नाम  मणिकलाल रूपाणी
माता  का नाम मायाबेन
राष्ट्रीयता भारतीय
जाति
धर्म
हिन्दू

 

विजय रूपाणी का जन्म

विजय रूपाणी का जन्म 2 अगस्त 1956 को रंगून, बर्मा में हुआ था। उनके पिता का नाम मणिकलाल रूपाणी और उनकी माता का नाम मायाबेन था। उनकी पत्नी का नाम अंजली रूपाणी है। उनके दो बेटे और एक बेटी है जिनका नाम बेटे रूषभ और स्वर्गीय पुजित और बेटी राधिका है।

विजय रूपाणी की शिक्षा

विजय रूपाणी ने धर्मेंद्र सिंहजी कला महाविद्यालय राजकोट कला में स्नातक और सौराष्ट्र विश्वविद्यालय, राजकोट, गुजरात से एलएलबी की शिक्षा प्राप्त की।

विजय रूपाणी का करियर

Vijay Rupani शुरुआत के समय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में छात्र कार्यकर्ता के रूप में जुड़े। इसके बाद वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और जनसंघ में वर्ष 1971 में शामिल हो गए। रूपाणी 1980 में भारतीय जनता पार्टी से भी जुड़ गए थे।

मुख्यमंत्री बनने से पहले रूपाणी गुजरात भाजपा के अध्यक्ष थे, रूपाणी भाजपा के साथ काफ़ी लंबे समय से चले आ रहे है और बेहद ही आक्रामक नेता माने जाते है। रूपाणी ने राजकोट से 1987 में बतौर कॉरपोरेटर अपने करियर की शुरुआत की और बाद में वह मेयर भी बने।

आनंदी बेन सरकार में रूपाणी टांसपोर्ट, वाटर सप्लाई, रोज़गार और श्रम विभागों में कैबिनेट मंत्री रह चुके है। जिसके बाद 2006 में रूपाणी गुजरात टुरिज़्म के प्रेसिडेंट बने और इसी साल उन्हें पार्टी ने राज्यसभा भेजा गया, रूपाणी 2012 तक राज्यसभा के सदस्य रहे।

इसके बाद में उन्हें 2013 में गुजरात नगर वित्त बोर्ड का राष्ट्रपति भी बनाया गया और उन्हें 2015 में विधानसभा के चुनाव में भी जीत मिली। 7 अगस्त, 2016 से विजय रूपाणी गुजरात के मुख्यमंत्री बनाए गए।

2017 में फिर से राजकोट पश्चिम निर्वाचन क्षेत्र से गुजरात विधानसभा चुनाव जीतकर गुजरात के मुख्यमंत्री पद को बरकरार रखा।

विजय रूपाणी का योगदान

विजय रूपाणी ने कहा कि सरकार ने आरक्षण के कारण सरकारी स्कूल कॉलेज में प्रवेश नहीं पा सकने वाले छात्र छात्राओं को 50 फीसदी आर्थिक सहायता देगी।

पाटीदारों के ख़िलाफ़ दर्ज 390 मुकदमें वापस लिए, युवकों को जेल मुक्त किया तथा आर्थिक आधार पर 10 फीसदी आरक्षण की घोषणा की। इस पर हाईकोर्ट की रोक के ख़िलाफ़ उच्चतम न्यायालय में अपील की भी इन्होंने बात कही।

वहीं दलित आंदोलन पर रूपाणी ने कहा कि ऊना की घटना पर उसी दिन आरोपियों पर कार्रवाई हुई, अब तक 23 आरोपी पकड़े जा चुके हैं।

पीड़ितों को सरकार ने एक एक लाख की सहायता दी तथा सी.आई.डी. क्राइम मामले की जांच कर रही है। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी राजनेता होने के साथ उम्दा किस्म के सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं।

पुत्र पूजित रूपाणी के आकस्मिक निधन के बाद एक बार विजय रूपाणी का राजनीति से मोह भंग हो गया लेकिन पूजित के नाम पर ट्रस्ट बनाकर उन्होंने ग़रीब बच्चों की सकूल व उच्च शिक्षा का पढ़ाई खर्च उठाना शुरू किया, अब तक ट्रस्ट की मदद से डॉक्टर, इंजीनियर के 5 बैच निकल चुके हैं, रूपाणी कहते हैं यहीं उनकी जिंदगी की जमा पूंजी है। रूपाणी ने कहा है कि देश में गौरक्षकों से प्रेम है तथा उनका आदर करते हैं।

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